लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत राजस्व अधिकारियों पर 77 हजार रुपये की शास्ति अधिरोपित
रतलाम, मध्यप्रदेश जिला संवाददाता : दीपक सोनी
रतलाम, 02 जुलाई। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित समय-सीमा में आम नागरिकों को सेवाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य है। यदि समय-सीमा में सेवा प्रदान नहीं की जाती है, तो संबंधित अधिकारी पर शास्ति अधिरोपित किए जाने का प्रावधान है।
कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने बताया कि 1 जून 2026 की स्थिति में नामांतरण के 3 तथा सीमांकन के 339 आवेदन लंबित पाए गए थे। वहीं 12 जून 2026 की समीक्षा में नामांतरण के 2 और सीमांकन के 306 आवेदन लंबित मिले। इसके आधार पर प्रति प्रकरण 250 रुपये की दर से कुल 77 हजार रुपये की शास्ति संबंधित राजस्व अधिकारियों पर अधिरोपित की गई है।
कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि शासन द्वारा अधिसूचित सेवाओं के लिए लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से ही आवेदन प्रस्तुत करें। इससे आवेदन प्रक्रिया सरल होती है, समय की बचत होती है, अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते तथा निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं प्राप्त करना आसान हो जाता है।

राजस्व विभाग के अंतर्गत लोक सेवा केंद्रों पर नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, खसरा, बी-1, नक्शा, ऋण पुस्तिका, फसल गिरदावरी की प्रतिलिपि, आय, जाति, मूल निवासी एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) प्रमाण-पत्र सहित भूमि संबंधी विभिन्न प्रमाण-पत्र एवं अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके अतिरिक्त अन्य विभागों की अनेक अधिसूचित सेवाओं का लाभ भी लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से आवेदन कर प्राप्त किया जा सकता है।




