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जोबट: सेवा, समर्पण और परोपकार की अद्भुत मिसाल रहे डॉ. लक्ष्मण वाणी का 95 वर्ष की आयु में देवलोकगमन : मरणोपरांत नेत्रदान कर प्रस्तुत की प्रेरणादायी मिसाल

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जोबट: सेवा, समर्पण और परोपकार की अद्भुत मिसाल रहे डॉ. लक्ष्मण वाणी का 95 वर्ष की आयु में देवलोकगमन; मरणोपरांत नेत्रदान कर प्रस्तुत की प्रेरणादायी मिसाल

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जिला ब्यूरो चीफ वासुदेव वाणी 

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जोबट:

नगर के वरिष्ठ नागरिक, प्रतिष्ठित पशु चिकित्सक और मानवता की प्रतिमूर्ति डॉ. लक्ष्मण वाणी का 95 वर्ष की दीर्घायु में निधन हो गया है। उनके इस महाप्रयाण से पूरे अंचल में शोक की लहर दौड़ गई है। अपने संपूर्ण जीवनकाल में उन्होंने एक चिकित्सक के रूप में न केवल पूरी ईमानदारी, निष्ठा और सेवाभाव से पशुओं की चिकित्सा की, बल्कि अपने अत्यंत सरल, मृदुभाषी और विनम्र स्वभाव से हर वर्ग के दिलों में एक विशिष्ट स्थान बनाया।

मरणोपरांत नेत्रदान का अनुकरणीय निर्णय

डॉ. लक्ष्मण वाणी के निधन के पश्चात उनके परिजनों ने एक अत्यंत साहसिक, दूरदर्शी और प्रेरणास्पद निर्णय लेते हुए उनका नेत्रदान कराया।

परिवार का यह कदम समाज के लिए मानव सेवा का एक अनूठा और अनुकरणीय उदाहरण है। उनके ये नेत्र किसी ज़रूरतमंद के जीवन में नई रोशनी और नई उम्मीद बनकर लौटेंगे, जो इस बात का जीवंत प्रमाण है कि डॉ. वाणी के जीवन के सेवा-संस्कार उनके जाने के बाद भी अमर रहेंगे।

सम्मान के साथ अंतिम विदाई और श्रद्धांजलि

डॉ. वाणी अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार, स्नेहीजनों और असंख्य शोकाकुल शुभचिंतकों को छोड़ गए हैं। उनके निधन पर विभिन्न सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों, प्रबुद्ध नागरिकों और क्षेत्रवासियों ने गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

अंतिमा यात्रा: उनकी अंतिम यात्रा बैंड-बाजे की मधुर धुनों और नम आँखों के बीच जोबट नगर के प्रमुख मार्गों से निकाली गई।

पुष्पावर्षा: मार्ग में सर्वसमाज के लोगों ने नम आँखों से पुष्पवर्षा कर दिवंगत आत्मा को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

मौन श्रद्धांजलि: मुक्तिधाम पहुँचने पर समाज के वरिष्ठजनों और गणमान्य नागरिकों द्वारा 2 मिनट का मौन रखकर पुण्यात्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।

ईश्वर से प्रार्थना है कि वे दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों और शुभचिंतकों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

ॐ शांति! शांति! शांति!

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