कुक्षी में धूमधाम से मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस
आदिवासी संस्कृति, एकता और अधिकारों की गूंज से गूंजा कुक्षी नगर
संवाददाता भगवान मुजाल्दा
कुक्षी विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को कुक्षी नगर में आदिवासी समाज की संस्कृति, एकता और सामाजिक जागरूकता का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला। जयस के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी समाजजन, युवा, महिलाएं एवं जनप्रतिनिधि शामिल हुए। ढोल-मांदल और डीजे की धुन पर पारंपरिक वेशभूषा में समाजजन उत्साह के साथ रैली में शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत महानायक भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई। इसके बाद विशाल रैली नगर के विभिन्न मार्गों से निकली। रैली के दौरान आदिवासी संस्कृति, सामाजिक एकता, शिक्षा, रोजगार और संवैधानिक अधिकारों को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया। रैली शांतिपूर्ण एवं गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न हुई।

रैली के पश्चात साईं मंडी प्रांगण में विशाल सभा का आयोजन किया गया। सभा में विभिन्न वक्ताओं ने आदिवासी समाज के सामाजिक, शैक्षणिक एवं संवैधानिक अधिकारों को लेकर अपने विचार रखे।
अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का किया आह्वान
सभा को संबोधित करते हुए जयस प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रविराज बघेल ने समाजजनों से अपने संवैधानिक एवं सामाजिक अधिकारों को जानने और उनके प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा एवं रोजगार की दिशा में आगे बढ़ने और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन आदिवासी समाज की पहचान एवं जीवन का आधार हैं। इनके संरक्षण के लिए समाज को एकजुट होकर प्रयास करना होगा। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए भी सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई गई।
सर्वसमाज ने किया रैली का स्वागत
विश्व आदिवासी दिवस की रैली के दौरान कुक्षी नगर में सर्वसमाज की ओर से भी उत्साहपूर्ण सहयोग देखने को मिला। नगर के विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने रैली का पुष्पमालाओं से स्वागत किया तथा समाजजनों के लिए पानी एवं ठंडे जल की व्यवस्था की।

आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों, मंडी कर्मचारियों तथा मीडिया कर्मियों सहित सभी सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
जयस कार्यकर्ताओं और समाजजनों का जताया आभार
कार्यक्रम की सफलता के लिए जयस के साथियों, नारी शक्ति, जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, जनपद सदस्यों, जिला पंचायत सदस्यों एवं प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले समाजजनों का आभार व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम में सहयोग करने वालों में अंतिम मुझालदा, गेंदालाल रणदा, सौरभ पटेल, निरपाल बघेल, कमल बमानिया, अशोक बघेल, तूफान निंगवाल, प्रवीण गवली, सुनील रावत, जीत रावत, सोमनाथ डोडवे, रितेश कोचले, राजू निंगवाल, कमलेश सोलंकी, राहुल सोलंकी, जयंत मंडलोई, पवन पाटीदार, अमित प्रजापत, हरिओम पाटीदार, सुनील अनारे सहित समस्त जयस साथियों का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम के दौरान आदिवासी एकता, संस्कृति, अधिकार, शिक्षा, रोजगार एवं जल-जंगल-जमीन के संरक्षण का संदेश प्रमुखता से सामने आया।
जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस)
आमु आखा एक छै 🏹




