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इंदौर–मनमाड़ रेललाइन और फोरलेन से प्रभावित किसानों के उचित मुआवजे की मांग तेज

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इंदौर–मनमाड़ रेललाइन और फोरलेन से प्रभावित किसानों के उचित मुआवजे की मांग तेज

विधायक कालू सिंह ठाकुर, किसान संघ अध्यक्ष दिनेश पटेल और प्रभावित किसानों ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात, धार कलेक्टर के समक्ष भी रखा पक्ष

नालछा से रवि सिसोदिया की रिपोर्ट 

धामनोद/धार। इंदौर–मनमाड़ रेललाइन एवं फोरलेन सड़क परियोजना से प्रभावित किसानों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर धरमपुरी विधायक श्री कालू सिंह ठाकुर, किसान संघ अध्यक्ष श्री दिनेश पटेल और प्रभावित किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर किसानों की समस्याओं से अवगत कराया। किसानों की मांगों को लेकर प्रतिनिधिमंडल कलेक्ट्रेट भी पहुंचा, जहां जमीन के मूल्यांकन और उचित मुआवजे से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान प्रभावित किसानों ने बताया कि इंदौर–मनमाड़ रेललाइन और फोरलेन परियोजना के लिए अधिग्रहित की जा रही जमीनों के मुआवजे को लेकर किसानों के मन में कई सवाल हैं। किसानों की प्रमुख मांग है कि उनकी जमीनों का मूल्यांकन वास्तविक परिस्थितियों, आसपास के क्षेत्र में जमीनों की कीमत और भूमि के व्यावसायिक एवं औद्योगिक महत्व को ध्यान में रखकर किया जाए, ताकि उन्हें उचित मुआवजा मिल सके।

मुख्यमंत्री से मिला सकारात्मक आश्वासन

प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिलने तथा संबंधित अधिकारियों को किसानों की समस्याओं पर शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे प्रभावित किसानों को अपनी मांगों पर उचित कार्रवाई की उम्मीद बंधी है। किसानों का कहना है कि परियोजनाएं क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन विकास के साथ जमीन देने वाले किसानों के हितों का संरक्षण भी आवश्यक है।

धार कलेक्टर के समक्ष रखा जमीनों के मूल्यांकन का मुद्दा

मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद किसानों ने धार कलेक्टर से भी मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। किसानों ने अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि रेललाइन और फोरलेन से प्रभावित कई जमीनें औद्योगिक क्षेत्रों तथा फोरलेन सड़क के नजदीक स्थित हैं। ऐसी जमीनों का मूल्यांकन करते समय उनकी लोकेशन, आसपास की औद्योगिक गतिविधियों, सड़क से निकटता और क्षेत्र में जमीनों की वास्तविक बाजार स्थिति को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

किसानों ने मांग की कि जमीनों के मुआवजे का निर्धारण करते समय केवल सामान्य कृषि भूमि के आधार पर मूल्यांकन न किया जाए, बल्कि भूमि की वास्तविक स्थिति, लागू कानूनी प्रावधानों और निर्धारित मूल्यांकन प्रक्रिया के अनुसार उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाए।

विकास के साथ किसानों के हितों की रक्षा जरूरी

प्रभावित किसानों का कहना है कि इंदौर–मनमाड़ रेललाइन और फोरलेन जैसी परियोजनाएं क्षेत्र के आवागमन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दे सकती हैं। हालांकि, इन परियोजनाओं के लिए अपनी जमीन देने वाले किसानों को ऐसा मुआवजा मिलना चाहिए, जिससे उनके आर्थिक हित प्रभावित न हों।

विधायक कालू सिंह ठाकुर, किसान संघ अध्यक्ष दिनेश पटेल और प्रभावित किसानों द्वारा उठाया गया यह मुद्दा अब उचित मुआवजे तथा भूमि मूल्यांकन की प्रक्रिया पर केंद्रित है। किसानों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद संबंधित अधिकारी मामले की गंभीरता से समीक्षा करेंगे और नियमानुसार उचित निर्णय लिया जाएगा।

अब किसानों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। किसानों की मांग है कि उनकी जमीनों का निष्पक्ष मूल्यांकन कर उचित मुआवजे के संबंध में शीघ्र निर्णय लिया जाए, ताकि विकास परियोजनाओं के साथ प्रभावित परिवारों के हितों का भी ध्यान रखा जा सके।

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