*जोबट में एआईजे का 34वाँ विराट पत्रकार महासमागम ऐतिहासिक रूप से संपन्न: 650 से अधिक पत्रकार हुए शामिल*
जिला ब्यूरो चीफ वासुदेव वाणी
*जोबट (आलीराजपुर):*
आदिवासी अंचल जोबट में भारतीय पत्रकारिता के इतिहास का एक गौरवपूर्ण अध्याय लिखा गया। एसोसिएशन ऑफ इंडियन जर्नलिस्ट (एआईजे) की जिला इकाई आलीराजपुर के तत्वावधान में श्री रिसॉर्ट गार्डन, खट्टाली रोड, जोबट में एआईजे का 34वाँ विराट पत्रकार महासमागम, पत्रकार सम्मान एवं पत्रकार कल्याण समारोह अभूतपूर्व गरिमा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।

इस राष्ट्रीय महासमागम में देश के विभिन्न हिस्सों से पधारे 650 से अधिक पत्रकारों, संपादकों, ब्यूरो प्रमुखों और मीडिया प्रतिनिधियों ने ऐतिहासिक सहभागिता दर्ज की। पूरा परिसर पत्रकार एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और निर्भीक पत्रकारिता के संकल्प से गूंज उठा।
स्वागत भाषण एवं *प्रमुख अतिथियों के विचार*
*वासुदेव वाणी (जिला अध्यक्ष, एआईजे जोबट):*
कार्यक्रम की शुरुआत में स्वागत भाषण जिला अध्यक्ष वासुदेव वाणी द्वारा दिया गया, जिसमें उन्होंने पधारे हुए सभी अतिथियों और पत्रकारों का अभिनंदन किया।
*विक्रम सेन (राष्ट्रीय अध्यक्ष, एआईजे):*
उन्होंने कहा कि एआईजे केवल एक संगठन नहीं, बल्कि पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और स्वाभिमान को समर्पित एक राष्ट्रीय अभियान है। आज संगठन 24 राज्यों और 650 से अधिक जिलों में सक्रिय रूप से पत्रकारों के हितों के लिए कार्य कर रहा है।
*जीतू सोनी (प्रधान संपादक, लोकस्वामी समूह):*
मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता का सबसे बड़ा दायित्व सत्य की पहचान कर उसे निर्भीकता से समाज के सामने रखना है। उन्होंने संघर्षपूर्ण दौर का जिक्र करते हुए कहा कि सच के आईने को तोड़ा जा सकता है, लेकिन सच को समाप्त नहीं किया जा सकता।
*पुष्पेंद्र वैद्य (वरिष्ठ पत्रकार, जी न्यूज म.प्र.-छ.ग.):*

उन्होंने डिजिटल मीडिया के दौर में तथ्यों, प्रमाणों, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ तथ्यात्मक एवं मुद्दा आधारित पत्रकारिता करने का आह्वान किया।
*क्रांति चतुर्वेदी (समूह संपादक, नवभारत समूह एवं संरक्षक, एआईजे):*
उन्होंने कहा कि गाँवों और दूरस्थ अंचलों में सीमित संसाधनों के बीच कार्य करने वाले ग्रामीण पत्रकार ही वास्तविक अर्थों में पत्रकारिता के प्रहरी और समाज की असली आवाज हैं।
*रघुवंश सिंह (पुलिस अधीक्षक, आलीराजपुर):*
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकार लोकतंत्र की रीढ़ हैं। निष्पक्ष और प्रमाण आधारित पत्रकारिता शासन और समाज दोनों को जवाबदेह बनाती है।
पत्रकारों के स्वास्थ्य संरक्षण हेतु ऐतिहासिक घोषणाएँ
महासमागम का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण पत्रकारों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए की गई विशेष रियायतों की घोषणा रही:
*एसएमएस हॉस्पिटल (वडोदरा):*
चिकित्सा निदेशक डॉ. मृदंग भावसार ने घोषणा की कि एआईजे से जुड़े पत्रकारों, उनके परिजनों व परिचितों को ओपीडी, ऑपरेशन, चिकित्सक शुल्क, दवाइयों तथा कार्डियक सर्जरी, न्यूरोलॉजी, कैंसर उपचार और जॉइंट रिप्लेसमेंट जैसी अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाओं पर 30 प्रतिशत तक की विशेष छूट मिलेगी। साथ ही, अस्पताल में बिटिया के जन्म पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
*संजीवनी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बड़वानी):*
डायरेक्टर डॉ. रश्मि पाटीदार ने घोषणा की कि एआईजे सदस्यों और उनके परिवारों को सभी उपचारों और अस्पताल बिलों पर 30 प्रतिशत तक की विशेष रियायत दी जाएगी। इसके साथ ही, आईसीयू शुल्क मात्र 1500 रुपए प्रतिदिन निर्धारित किया गया है।
*’वीर पत्रकार भूषण सम्मान’ से वरिष्ठ पत्रकार अलंकृत*
समारोह के दौरान इंदौर संभाग और विभिन्न क्षेत्रों के चयनित वरिष्ठ एवं जनहितैषी पत्रकारों को उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए ‘वीर पत्रकार भूषण सम्मान’, गोल्ड मेडल, सम्मान-पत्र और स्मृति-चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने वाले प्रमुख पत्रकारों में पुष्पेंद्र वैद्य, तेजकुमार सेन, प्रदीप क्षीरसागर, जैद अहमद शेख, शैलेंद्र पंवार, वीरेंद्र जैन, शाहनवाज शेख, निलेश जैन, श्याम कुशवाहा, इशाक मंसूरी, फिरोज खान, रामेश्वर गुप्ता, आमिर शेख और जगराम विश्वकर्मा सहित कई अन्य पत्रकार शामिल रहे।
*गरिमामयी उपस्थिति एवं आभार*
कार्यक्रम में राष्ट्रीय संरक्षक किशोर दग्गी, राष्ट्रीय महासचिव पं. मनोहर मंडलोई, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह जादौन, प्रदेश अध्यक्ष राकेश साहू, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शाहनवाज शेख, गुजरात प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र पाटिल सहित अनेक प्रांतीय एवं राष्ट्रीय पदाधिकारी मंचासीन रहे।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन अनीस शेख ने किया। अंत में जिला अध्यक्ष वासुदेव वाणी, आशीष वाणी और आलीराजपुर जिला इकाई की पूरी टीम के सहयोग से सभी पत्रकारों और अतिथियों के लिए विशेष सहभोज का आयोजन किया गया। इस महासमागम ने यह संदेश दिया कि संगठित, निर्भीक और जनपक्षीय पत्रकारिता ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है।




