जीवनधारा अभियान “एक बूंद उम्मीद की” के तहत रामा में रक्तदान शिविर आयोजित
संवाददाता -रमेश चौहान
कलेक्टर ने रक्तदाताओं का किया सम्मान, युवाओं से रक्तदान को जनआंदोलन बनाने का किया आह्वान
जिले में संचालित “जीवनधारा अभियान – एक बूंद उम्मीद की” के अंतर्गत विकासखंड रामा में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 65 युवाओं एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर रक्तदान किया। कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने रक्तदाताओं को प्रशस्ति प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनके इस मानवीय एवं समाजसेवी योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

शिविर के दौरान एक अत्यंत प्रेरणादायक प्रसंग सामने आया। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कालीदेवी की प्राचार्य श्रीमती शारदा रावत स्वयं रक्तदान करने के उद्देश्य से शिविर में पहुंचीं, लेकिन चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान एनीमिक पाए जाने के कारण वे रक्तदान के लिए अपात्र घोषित हुईं। इसके बावजूद उन्होंने निराश होने के बजाय अपने साथ आई बेटियों हर्षिता रावत एवं इति रावत को रक्तदान के लिए प्रेरित किया। मां की प्रेरणा से दोनों बेटियों ने सहर्ष रक्तदान कर मानवता और सामाजिक उत्तरदायित्व का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।

कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने इस प्रेरणादायक पहल की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान केवल एक व्यक्ति का जीवन बचाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति हमारी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि श्रीमती शारदा रावत एवं उनकी बेटियों का यह उदाहरण समाज के लिए प्रेरणास्रोत है और इससे अन्य लोग भी स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित होंगे।

कलेक्टर ने जिले के युवाओं, सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों एवं आम नागरिकों से नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने का आह्वान करते हुए कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है। किसी दुर्घटना, प्रसूता, गंभीर बीमारी अथवा आपातकालीन स्थिति में रक्तदान किसी जरूरतमंद के लिए नया जीवन बन सकता है। उन्होंने कहा कि यदि समाज का प्रत्येक सक्षम नागरिक समय-समय पर रक्तदान का संकल्प ले, तो जिले में कभी भी रक्त की कमी नहीं होगी और अनेक अमूल्य जीवन बचाए जा सकेंगे।
इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व झाबुआ श्री महेश कुमार मंडलोई, डिप्टी कलेक्टर सुश्री वैशाली सोलंकी एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।




