कलेक्टर की अध्यक्षता में समयावधि पत्रों एवं अन्तर्विभागीय समन्वय बैठक आयोजित
सिकल सेल रोगियों के लिए संवेदनशील पहल: जिले में तैयार किए जा रहे हैं “सिकल मित्र”
*ग्राम पंचायतों में अनियमितता पर होगी सख्त कार्रवाई, सामाजिक ऑडिटर भी होंगे जिम्मेदार*
रणवीर सिंह सिसोदिया जिला ब्यूरो
झाबुआ, 06 जुलाई 2026। कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में समयावधि पत्रों एवं अन्तर्विभागीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति, लंबित प्रकरणों एवं शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि शिकायतों के निराकरण में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन के लेवल-1 पर लंबित 1392 शिकायतों की विभागवार समीक्षा की तथा अधिकारियों को आगामी एक सप्ताह के लिए लक्ष्य निर्धारित कर समयसीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही 11 शिकायतों के नॉन-अटेंडेड पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।
लोक सेवा गारंटी अधिनियम की समीक्षा के दौरान बताया गया कि विगत एक माह में कुल 39,287 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 29,780 आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण किया गया है। कलेक्टर ने शेष लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित दोषी व्यक्तियों के साथ-साथ ग्राम सामाजिक ऑडिटर के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की नियुक्ति प्रक्रिया के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) निर्धारित करने के निर्देश दिए गए। पोषण वाटिकाओं की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने बताया कि 293 स्वीकृत पोषण वाटिकाओं में से केवल 62 का निर्माण पूर्ण हुआ है, जो संतोषजनक नहीं है। उन्होंने शेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार आंगनवाड़ी भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि कुल 730 स्वीकृत भवनों में से 112 पूर्ण, 353 निर्माणाधीन तथा 14 कार्य अप्रारंभ हैं। कलेक्टर ने सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने आगामी समय में विद्यालय निरीक्षण प्रणाली को डिजिटाइज करने के लिए विशेष मोबाइल एप विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे निरीक्षण कार्यों की मॉनिटरिंग अधिक प्रभावी ढंग से की जा सके।
जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जिले के सभी ग्रामों में जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जल संरचनाओं का सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 30 नल-जल योजनाएं टेस्टिंग अवधि में हैं। इन योजनाओं के सफल संचालन के 15 दिवस पश्चात संबंधित ग्रामों में “जल अर्पण दिवस” उत्सव के रूप में आयोजित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही हस्तांतरित की गई 104 जल जीवन मिशन योजनाओं के बंद होने के कारणों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सिकल सेल उन्मूलन अभियान की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जिले के 1950 सिकल सेल रोगियों के लिए “सिकल मित्र” बनाए जाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने स्वयं दो सिकल सेल रोगियों के लिए सिकल मित्र बनने की घोषणा करते हुए अधिकारियों एवं समाज के अन्य वर्गों से भी सिकल मित्र बनने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि सिकल मित्र रोगियों के उपचार, पेंशन, सिकल सेल कार्ड निर्माण, विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने, स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन तथा विवाह संबंधी परामर्श उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वर्तमान में जिले में 290 सिकल मित्र बनाए जा चुके हैं।
बैठक में कलेक्टर ने जिले के 194 शासन संधारित मंदिरों के प्रबंधन एवं संचालन के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) की अध्यक्षता में समितियों का गठन करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त वनाधिकार प्रकरणों के निराकरण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, विभागीय समन्वय एवं अन्य महत्वपूर्ण विषयों की भी विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जितेन्द्रसिंह चौहान, एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर्स एवं अन्य जिला अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।





